बिहार पंचायत चुनाव 2026: अप्रैल से जुलाई के बीच बजेगी रणभेरी; तैयारी शुरू, जानिए संभावित तारीखें :-
पंचायत चुनाव 2026: बिहार में बजने वाली है रणभेरी! 10 साल बाद बदलेगा आरक्षण रोस्टर; जानिए कहाँ लगेगी सेंध :-
बिहार में पंचायत चुनाव 2026 की तैयारियां जल्द ही शुरू होने वाली हैं। हालांकि आधिकारिक अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है, लेकिन राज्य निर्वाचन आयोग अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच चुनाव संपन्न कराने की तैयारी में है। इस बार का चुनाव न केवल राजनीतिक माहौल बल्कि आरक्षण रोस्टर (Reservation Roster) में होने वाले संभावित बड़े बदलाव के कारण भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आरक्षण में क्यों होगा बड़ा बदलाव?
बिहार पंचायती राज अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुसार, मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य और पंच के पदों पर आरक्षण का चक्र हर दो क्रमिक चुनावों (लगभग 10 वर्ष) के बाद बदला जाता है। पिछली बार यह परिवर्तन 2016 के चुनावों में किया गया था (2021 में उसी रोस्टर को दोहराया गया)।
अब, 2026 के चुनावों के लिए यह बदलाव अनिवार्य हो गया है। इसका सीधा अर्थ है कि पिछली बार जो सीटें सामान्य थीं, वे अब आरक्षित हो सकती हैं, और जो सीटें आरक्षित थीं, वे सामान्य वर्ग के लिए खुल सकती हैं।
सीधे शब्दों में समझिए बदलाव का असर
• रोटेशन सिस्टम लागू: इस बार चक्रीय क्रम (Rotation System) अपनाया जाएगा। इसका मतलब है कि लगातार दो बार (2016 और 2021) से किसी विशिष्ट श्रेणी (जैसे SC महिला या EBC) के लिए आरक्षित रही सीटों को अब अनारक्षित (सामान्य) घोषित किया जा सकता है।
• संभावित उम्मीदवारों में हलचल: जो संभावित उम्मीदवार पिछले 10 सालों से आरक्षित सीट पर चुनाव नहीं लड़ पा रहे थे, उनके लिए मौका बनेगा। वहीं, पिछली बार आरक्षित सीटों से जीत चुके प्रतिनिधियों के लिए यह सीट अब सामान्य हो सकती है, जिससे उनकी दावेदारी पर संकट आ सकता है।
नगर निकायों के विस्तार का भी पड़ेगा असर
हाल के वर्षों में बिहार सरकार ने कई पंचायतों को नगर निकायों (Municipality/Corporation) में मिला दिया है। जिन पंचायतों का अस्तित्व समाप्त हो गया है या जिनका क्षेत्र शहरी सीमा में चला गया है, उनके कारण आस-पास की पंचायतों की जनसंख्या गणना और आरक्षण का गणित भी पूरी तरह से प्रभावित होगा। निर्वाचन आयोग को नए सिरे से इन पंचायतों की सीमाओं और जनसंख्या के आधार पर आरक्षण तय करना होगा।
कब तक जारी होगा नया आरक्षण रोस्टर?
राज्य निर्वाचन आयोग के सूत्रों के अनुसार, चुनाव से पहले जनवरी या फरवरी 2026 तक नया आरक्षण रोस्टर जिला स्तर पर प्रकाशित किया जा सकता है। रोस्टर जारी होने के बाद, आपत्तियों और सुझावों के लिए समय दिया जाएगा, जिसके बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
चुनावों की औपचारिक घोषणा और आचार संहिता लागू होने के बाद राजनीतिक सरगर्मियां तेज होंगी, लेकिन फिलहाल रोस्टर बदलने की आशंका ने कई संभावित उम्मीदवारों की नींद उड़ा रखी है।
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