बिहार में अब चुनावी आचार संहिता लागू हो गई है।
राज्य में विधानसभा चुनाव 2025 की आधिकारिक घोषणा के साथ ही चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता लागू करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही अब न तो कोई सरकारी योजना की नई घोषणा होगी, न ही किसी मंत्री या विधायक को सरकारी मंच से प्रचार करने की अनुमति मिलेगी।
राज्यभर के जिलों में प्रशासन और पुलिस को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने साफ़ किया है कि सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल प्रचार में करने पर सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने या फर्जी खबरें पोस्ट करने वालों पर भी नजर रखी जाएगी।
इस बार चुनाव आयोग ने विशेष निगरानी के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड, स्टैटिक सर्विलांस टीम और सोशल मीडिया सेल सक्रिय कर दी है।
हर उम्मीदवार को अपनी खर्च रिपोर्ट नियमित रूप से जमा करनी होगी, और पैसे, शराब या उपहार के ज़रिए वोटरों को प्रभावित करने की कोशिश पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
बिहार में कुल 243 विधानसभा सीटों पर चरणबद्ध तरीके से चुनाव होंगे।
राजनीतिक दलों ने तैयारी तेज़ कर दी है—
जहां NDA सरकार बचाने की कोशिश में है, वहीं INDIA गठबंधन वापसी के मूड में है।
तीसरे मोर्चे के रूप में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी भी मैदान में उतर चुकी है और चुनावी माहौल को दिलचस्प बना रही है।
अब देखना होगा कि किसकी रणनीति चलेगी —
NDA की सत्ता बचाने की, INDIA की वापसी की या जन सुराज की नई बयार की!
📍निष्कर्ष:
बिहार की सियासत में अब “मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट” की छाया पूरी तरह छा चुकी है।
हर पोस्टर, हर भाषण, और हर वादा अब आयोग की नज़र में है।
मतलब साफ़ है — अब शुरू हो गया है बिहार चुनाव 2025 का असली मैदान!
