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 वाराणसी में बनेगा 112 मीटर ऊंचा ‘ट्विन टावर’ — VDA ने मात्र 4 दिन में दी मानचित्र स्वीकृति, बनेगा पूर्वांचल का सबसे ऊंचा भवन

काशी अब सिर्फ मंदिरों और घाटों के लिए नहीं, बल्कि आधुनिक विकास के लिए भी जानी जाएगी। वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) ने शहर में बनने वाले 112 मीटर ऊंचे “ट्विन टावर” प्रोजेक्ट को मात्र चार दिन के भीतर मानचित्र स्वीकृति प्रदान कर दी है।

यह इमारत पूर्वांचल की सबसे ऊंची इमारत होने जा रही है, जो वाराणसी को “स्मार्ट सिटी” के नए युग में ले जाएगी।

🏢 प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी

परियोजना ऊंचाई: 112 मीटर मंज़िलें: 32 (प्रत्येक टावर) संरचना: डबल बेसमेंट + ग्राउंड फ्लोर + 32 मंज़िल स्थान: मौजा सेमरा एवं कटेसर, परगना राल्हूपुर (वाराणसी-चंदौली बॉर्डर क्षेत्र) डेवलपर: JHS Infra Homes LLP (जीत होम सॉल्यूशंस लिमिटेड)

इस ट्विन टावर कॉम्प्लेक्स में लग्जरी रेजिडेंशियल फ्लैट्स, कमर्शियल स्पेस, रिटेल दुकानें और स्काई व्यू रेस्टोरेंट शामिल होंगे। दोनों टावरों को आपस में स्काई ब्रिज से जोड़ा जाएगा जिससे गंगा नदी और वाराणसी शहर का विहंगम दृश्य देखा जा सकेगा।

⚙️ VDA की तेज़ मंज़ूरी बनी चर्चा का विषय

वाराणसी विकास प्राधिकरण ने इस प्रोजेक्ट को रिकॉर्ड चार दिन में मानचित्र स्वीकृति दी है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, आवेदन मिलने के बाद तकनीकी, पर्यावरण और स्ट्रक्चरल रिपोर्ट का मूल्यांकन त्वरित गति से पूरा किया गया।

इस स्वीकृति से VDA को ₹6.94 करोड़ (लगभग) का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है।

🌿 ग्रीन और स्मार्ट सिटी फीचर्स शामिल

ट्विन टावर में पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक तकनीकें जोड़ी जा रही हैं —

सोलर पैनल सिस्टम रेन वाटर हार्वेस्टिंग वेस्ट वाटर रीसाइक्लिंग प्लांट ग्रीन लैंडस्केप एरिया डबल बेसमेंट पार्किंग

इन सुविधाओं से यह बिल्डिंग ‘ग्रीन बिल्डिंग’ सर्टिफिकेशन प्राप्त करने की दिशा में कदम बढ़ाएगी।

💼 रोज़गार और निवेश को मिलेगी रफ़्तार

विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से वाराणसी में हज़ारों नौकरियाँ उत्पन्न होंगी।

साथ ही, शहर में रियल एस्टेट निवेशकों और बिज़नेस ग्रुप्स की रुचि भी बढ़ेगी।

यह प्रोजेक्ट वाराणसी को लखनऊ और नोएडा जैसी आधुनिक शहरी पहचान देने वाला साबित हो सकता है।

🕉️ वाराणसी की नई पहचान — परंपरा के साथ आधुनिकता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में यह विकास परियोजना “न्यू वाराणसी” की दिशा में एक बड़ा कदम है।

यहां आध्यात्मिक धरोहर और आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर का मेल देखने को मिलेगा।

स्थानीय निवासी राजीव श्रीवास्तव ने कहा —

“काशी अब सिर्फ धर्म की राजधानी नहीं, बल्कि विकास की नई पहचान बनेगी। ट्विन टावर इसका प्रतीक होंगे।”

🚧 आगे की प्रक्रिया और निर्माण की तैयारी

रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रोजेक्ट का भूमिपूजन नवंबर 2025 के पहले सप्ताह में प्रस्तावित है।

निर्माण कार्य अगले तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

VDA अधिकारियों ने बताया कि सभी पर्यावरणीय और सुरक्षा मानकों का पालन किया जाएगा।

🔎 निष्कर्ष:

वाराणसी में प्रस्तावित 112 मीटर ऊंचा ट्विन टावर बनेगा। VDA ने मात्र चार दिन में मानचित्र स्वीकृति दी। प्रोजेक्ट से रोजगार, निवेश और शहर के इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलेगा। वाराणसी को एक नई शहरी पहचान देने की दिशा में यह बड़ा कदम है।

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